Tuesday, 4 October 2016

748

*मिल जाती अगर सभी को अपनी मोहब्बत मै मंजिल,*

*तो यक़ीनन रातों के अँधेरो में कोई दर्द भरी शायरी नहीं लिखता..:))*

No comments:

Post a Comment